Sunday, 18 September 2016

लोगों को भा रहा है ‘फ्यूजन फूड’


हमारे भारत में हर जगह का अपना एक अलग ही स्वाद है. फिर चाहे महाराष्ट्र की पुरणपोली हो या दक्षिण का इडली दोसा. हर जगह अपने अलग अलग व्यंजनों से जानी जाती है. लेकिन आजकल हम भारतीयों में एक और चलन ज्यादा देखने को मिल रहा है और वो है फ्यूजन फूड का. जिसमें विदेशी खाने को देशी खाने के साथ मिलाकर तैयार किया जा रहा है. यहां तक की खाने में इस तरह का फ्यूजन लोगों को बेहद पसंद भी आ रहा है. 



हक्का नूडल्स या पिज्जा के ऊपर सेव बुरकने से लेकर क्रंची स्नेक्स में पानी पताशे का स्वाद डालने तक हम कई प्रयोग कर रहे हैं.  ये प्रयोग सड़क पर लगी छोटी-सी ठेला गाड़ी से लेकर बड़े ब्राण्ड्स के एयरकंडीशंड रेस्तरां तक में धड़ल्ले से किए जा रहे हैं. केवल अंतरराष्ट्रीय व्यंजन ही क्यों, हम भारतीयों ने तो भारतीय खान-पान में भी अंतरराज्यीय फ्यूजन राग छेड़ दिया है.  पंजाबी तड़के वाली इडली, रबड़ी और बूंदी वाली पानीपुरी तथा पोहे में डली शिमला मिर्च और पनीर जैसी चीजें इसी प्रयोग की ईजाद हैं. इनमें से कुछ फ्यूजन हैं जैसे आइस्क्रीम के साथ गुलाब जामुन, चॉकलेट फ्लेवर के सेव और लस्सी, चीज़ और तोफू के पकौड़े, आइस्क्रीम विद पान फ्लेवर, पास्ता विद दाल मखनी, थाई करी में बनी सब्जियां जैसे फ्यूजन इसी तरह बनाए जाते हैं. भारत में बहुत से ऐसे व्यंजन हैं जो कहने को विदेशी हैं लेकिन जब उनमें भारतीय रसोई का तड़का लगता है. तो अपने आप मजेदार लगने लगते हैं. यहां तक की भारत के राज्यों के खाने में भी फ्यूजन देखने को मिलता है.

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