Tuesday, 26 April 2016

ना उम्र की सीमा हो

पढ़ने का जज्बा हो, हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती..इस कहावत को सच कर दिखाया एक छात्र ने, जिनकी उम्र 97 साल है...नालंदा मुक्त यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षाएं आयोजित की जा रही थी....और इस परीक्षा में आने वाला एक छात्र सभी के लिए कौतुहल का विषय बना हुआ है..ये छात्र उत्तरप्रदेश के बरेली का रहना वाला है....और इसका नाम है राजकुमार वैश्य ..जो MA प्रथम साल की परीक्षा दे रहे हैं...और इन्हे देखकर परीक्षा में शामिल होने वाले दूसरे छात्रों में भी पढ़ाई के लिए जोश आ जाता है....
राजकुमार वैश्य करीब 39 साल पहले ही अपनी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं....इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई 1938 में ही पूरी कर ली थी....लेकिन इनके मन मे हमेशा से ही एमए की पढ़ाई करने की इच्छा थी....अपनी इच्छा को जब इन्होंने अपने परिवार वालों के सामने रखा.....तो इनके बेटे ने इनके जनून का सम्मान करते हुए...इनका दाखिला नालंदा मुक्त यूनिवर्सिटी में करा दिया....जिसके एमए अर्थशास्त्र के प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रहे राजकुमार वैश्य कौतुहल का विषय बन गए....97 साल की उम्र होने की वजह से राजकुमार शारीरिक रूप से कमजोर हैं....लेकिन इनके हौसले बिल्कुल कमजोर नहीं हैं...वो वॉकर की मदद से परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने जाते हैं....

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